वन संसाधन संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक हरियाली और आने वाले अवशेषों के लिए अमूल्य विरासत हैं: वन मंत्री श्री कश्यप।
वन मंत्री ने जिलों के 32 संयुक्त वन प्रबंधन उद्यमों को 3 करोड़ से अधिक की राशि में विभिन्न उद्यमों का वितरण किया।
धानतरी – नवीन वनमंडल कार्यालय धमतरी का भंडार एवं वन प्रबंधन के सम्मेलन का आयोजन आज भव्य रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहे। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में अल्पसंख्यक, महासमुंद के अनाम क्षेत्र के श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सिहावा के नेता अंबिका मरकाम, धमतरी के नेता ओंकार भंडारी, महामहिम जगदीश रामू रोहरा और जदयू के वरिष्ठ नेता, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, समुदाय सहित वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत मुख्य अतिथि एवं अन्य द्वारा सामूहिक विवाह से हुई। इसके बाद पूजा-अर्चना कर धमतरी स्थित नवीन वनमंडल कार्यालय भवन का अनुमोदन किया गया। लगभग 1.14 रुपये की लागत से निर्मित यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जिसमें वन मंडल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए सुव्यवस्थित कक्ष, बैठक कक्ष और करोड़ों सुविधाएं उपलब्ध हैं। मंत्री श्री कश्यप ने 3 करोड़ से अधिक राशि के जिलों के 32 संयुक्त वन प्रबंधन कंपनियों को वार्षिक कार्य योजना के विभिन्न कार्य के संस्करण पत्र जारी किये।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और वन संरक्षण में यहां की परंपराएं और जनभागीदारी हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि नये वनमंडल कार्यालय में केवल श्रमिकों के काम में तेजी आएगी बल्कि वन प्रबंधन के साथ समन्वय को भी और मजबूत बनाया जाएगा।उन्होंने कहा, “वन संसाधन संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक खनिज संपदा और आने वाली भूमि के लिए मूल्यवान विरासत हैं। राज्य सरकार वन संरक्षण, जैव विविधता की कमी और वनों पर नामांकित समुदायों के लिए आरक्षित है। इस दिशा में वन प्रबंधन समितियां हमारी सबसे बड़ी ताकतें हैं। आपकी सक्रिय भागीदारी से ही हम जलवायु परिवर्तन का अनुभव कर सकते हैं।”वन मंत्री ने आगे कहा कि वन हमारे जीवन का आधार है। प्रभु राम का गमन पथ चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव कहते हैं कि वे भी लगातार काम कर रहे हैं और तेंदूपत्ता संग्रहकों को असली वैलिडिटी देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वनों को बचाने का काम वन विभाग तो कर ही रहा है, लेकिन हम सभी का दायित्व भी है।उन्होंने 25 साल पहले की स्थिति के बारे में बात करते हुए बताया था कि आज की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क बिजली कई क्षेत्रों में बेहतर काम कर रही है।,मंत्री श्री कश्यप ने आगे कहा कि शासन द्वारा स्थानीय वन संपदा को मजबूत करने, रोको-टोको चौकियों के सुदृढीकरण, तेंदूपत्ता संग्रहणों के हित संरक्षण और औषधीय औषधियों की पूर्ति के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने यूनिटों को सहकारी समिति और सहभागी वन प्रबंधन के लिए मंजूरी दे दी।शिष्या रूपकुमारी चौधरी ने अपने आदर्श उद्बोधन में कहा कि धमतरी जिले में वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य और प्रेरणाएँ बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रदेश में वनों के संरक्षण, वन्यजीव और वन समुदाय के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिले और प्रदेश दोनों मिलकर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।उन्होंने कहा, “वन विभाग ने न सिर्फ जंगल की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि संयुक्त वन प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय लोगों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल कर उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया है। तेंदूपत्ता संग्रहालय के हितों की रक्षा, औषधीय विचारधारा के संरक्षण और जैव विविधता जैसे कार्य ने छत्तीसगढ़ को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है।”प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही श्रीनिवास राव और वन मंडल के पदाधिकारी कृष्ण फ़्लोरिडा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि वन विभाग के कार्य और सामग्रियां बताएं।
