धमतरी – धमतरी शहर इन दिनों नई पहचान बना रहा है-कलात्मकता,स्वच्छता और सांस्कृतिक जीवंतता से भरी एक आकर्षक नगरी। जिला प्रशासन एवं नगर पालिका निगम द्वारा पिछले महीने नवप्रवर्तन कार्यक्रम ‘चमकारी-अपनी कला का प्रदर्शन करें और अपने शहर को सुंदर बनाएं’ शुरू किया गया था, अब शहर की सूरत बदल दी गई है। इस अभियान में धमतरी के युवाओं, कलाकारों और छात्रों को एक नई ऊर्जा दी गई है, जिसके परिणाम आज शहर की हर गली-मुख्य सड़क पर दिखाई दे रहे हैं।कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था; बल्कि नागरिकों में स्वच्छ पर्यावरण, सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक स्वतन्त्रता को मजबूत करना था। आर्किटेक्चर ने वॉल पेंटिंग्स, पोस्टर्स, स्केचर्स, पेंटिंग्स और सोशल से भरी आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन्स का प्रदर्शन कर शहर को नेशनल से सराबोर कर दिया। इस पहल में न केवल कलाकारों को मंच दिया गया बल्कि शहर को भी नई पहचान दी गई।आज धमतरी के सरकारी पुरातत्वविदों, पुरातत्वविदों, पार्कों और मुख्य चौक-चौराहों के बाहरी कारीगरों से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला, देवी-देवताओं, पशु-पक्षियों, जनजातीय विरासतों और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाया गया है। इन सेक्टरों में न सिर्फ शहर की सुंदरता झलकती है, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। जहां पहले कूड़ा-कचरा फेंका जाता था, अब लोगस्वतंत्रता के प्रतिनिधि हो रहे हैं। कार्यशालाएँ अब कला की अभिव्यक्ति बन गई हैं और शहरस्वतंत्रता का उदाहरण हैं।इस पूरे अभियान की सफलता में कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने युवाओं को कला के माध्यम से शहर को संवारने की अपील की है। उत्कृष्ट पेंटिंग बनाने वाले को कैश अवार्ड और पुरस्कार पत्र प्रदान किया जा रहा है, जिससे और अधिक युवा इस पहल से जुड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में इस कार्यक्रम में केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं किया गया, बल्कि धमतरी की आत्मा को नए रंग से विकसित करने का प्रयास किया गया है।शहर ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन धमतरी के प्राकृतिक खनिजों-गंगरेल डेम, झरनों, घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के इको-पर्यटन और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है और इस दिशा में भी सिर्फ और सिर्फ अलग से काम किया जा रहा है। इससे न सिर्फ धमतरी पर्यटन मानचित्र उभर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।धमतरी आज एक ऐसा शहर बन रहा है जहां कला,स्वच्छता और प्रकृति-तीनों का अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है। यहां की किलर बोलती हैं, रास्ते पर चलते हैं और लोग गर्व से कहते हैं-
“यह हमारी धमतरी है-सुंदर, स्वच्छ और सांस्कृतिक शहर।”
जो भी यहाँ आता है, शहर के रंग और विशेषताएँ उसे अपनी ओर खींचती हैं। धमतरी अब सिर्फ देखने की जगह नहीं, महसूस करने की जगह बन गई है।
