धमतरी जिले को “जल संरक्षण जनभागीदारी 1.0” राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।



धमतरी – जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, नई दिल्ली द्वारा पूर्वी क्षेत्र जिला संभाग धमतरी जिले को “जल संरक्षण जनभागीदारी 1.0” राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री श्री सी. आर. उपस्थित जिला धमतरी के प्रतिनिधि के रूप में  अविनाश मिश्रा को नियुक्त किया गया।

9166 जल संरक्षण कार्य का सत्यापन

जिले में जल संरक्षण जनभागीदारी 1.0 के तहत 9,166 कार्य पूर्ण किये गये। इन नौकरियों का निरीक्षण एवं सत्यापन भारत सरकार की टीम द्वारा धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी विकासखंडों में किया गया। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रार श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सहायक रोमासाग्रिव, सभी जिलों के सीईओ और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी श्रमिकों की जानकारी लेटड्रलॉन्ग और फोटोग्राफ शामिल है।

अमृत ​​सिरपों से उन्नत श्रमिक

गांधी राष्ट्रीय ग्रामोद्योग सहकारिता योजना के तहत पिछले दो वर्षों में जिलों में 102 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। इन समुद्र तटों से न केवल भू-जल स्तर में वृद्धि हो रही है, बल्कि किसानों और समुद्रों के लिए पानी के समुद्र भी सुरक्षित हैं। सूरतों में मछली पालन से स्व-व्यायाम को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं।

सोकपिट निर्माण एवं वॉटरशेड कार्य

जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच-पांच सोकपिट निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार गए हुए हैं, जो कि बिजली से चलने वाले अपव्यय जल को भूमि में समाहित कर भू-जल स्तर को मापने का काम कर रहे हैं।

इसके अलावा, 19 ग्राम परियोजना में वॉटरशेड योजनान्तर्गत विभिन्न जल संरक्षण कार्य निर्धारित किये गये। वन एवं जल संरक्षण विभाग के सहयोग से वन क्षेत्र में भूमि जल संरक्षण का भी संचालन किया गया। इन उद्यमों में कृषि विभाग, पंचायत विभाग, जल संसाधन विभाग, वन विभाग, वाटरशेड विभाग का समन्वय सहयोग प्राप्त हुआ।

महानदी प्रवाह क्षेत्र का पुनरुद्धार

“माँ” अभियान के अंतर्गत जिलों में महानदी के जल प्रवाह क्षेत्र का 2 मई 2025 से 18 जून 2025 तक पुनरुद्धार कार्य किया गया। इस दौरान 12 किमी नदी में साफ-सफाई, गाड क्षेत्र एवं मेड़ बंधन जैसे कार्य किये गये। महानदी से लगे 08 ग्रामों में प्रवाह क्षेत्र का सुधार किया गया और नदी तट पर 5,000 नारियल स्टॉक का निपटान किया गया।

लगभग 600 घंटे के श्रमदान से महानदी को पुनर्जीवित करने का उल्लेखनीय कार्य किया गया।धमतरी प्रशासन जिले में विभिन्न स्थानों और जनभागीदारी के तहत यह कार्य कर जल संरक्षण क्षेत्र में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में सामने आया है, जिससे जिले को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है।