छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए नवीन- नेता श्री चंद्राकर ।
धमतरी – धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय धमतरी के मनोवैज्ञानिक भवन में जिला सांस्कृतिक ‘जन जातीय गौरव दिवस’ कार्यक्रम गरिमामयी वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए अजय चंद्राकर।इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अरुण सर्वा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ फ़्लीम वर्ग आयोग नेहरू निषाद, पूर्व सहयोगी श्रीमती रंजना भंडारी सहित साझीदार, सहायक आयुक्त जनता विकास विभाग विमल साहू, उप-नियुक्त समाज कल्याण विभाग डॉ. मनीषा पाण्डे, अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न जन संप्रदाय समाज जिले के प्रमुख एवं वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथि एवं उपस्थितजन प्रधानमंत्री के प्रार्थना से जुड़े हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर प्रवचन एवं दीप प्रज्वलन से हुई।अनुयायी अजय चंद्राकर ने अपनी याचिका में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जन-जनजाति समुदाय के समग्र विकास के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी साम्राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व में जनजातीय बाहुल्य छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य का गठन हुआ, जो जनजातीय पहचान के सम्मान और उनके त्वरित विकास की दिशा में युगांतरकारी कदम था। जनजाति जी द्वारा अलग-अलग ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय’ का गठन कर जनजातीय हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था स्थापित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर पूरे राष्ट्र में जनजातीय नायकों के सम्मान की परंपरा को खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ आंदोलन के खिलाफ़ ऑब्जेक्टिव और स्थानीय शोषकों की शुरुआत की थी। उन्होंने कम उम्र में ही धार्मिक आधार के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ भूमि अधिकार और भारी लाभ के अन्यायपूर्ण विरोधियों का विरोध किया। बिरसा मुंडा केवल एक चमत्कारी ही नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के समुदाय के प्रतीक समाज सुधारक थे।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री चंद्राकर ने प्रधानमंत्री आवास एवं जनमन आवास के हितग्राहियों को आवास की चाबियां दीं। साथ ही जनजातीय समुदाय के प्राकृतिक प्राणियों (बैगा, गुनिया) को उनकी सेवाओं और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष और अध्यक्ष छत्तीसगढ़ ढाल वर्ग आयोग ने भी जन-जातीय संस्कृति, परंपरा और समाज के बारे में अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय सिद्धांत, संस्कृति और नायकों के योगदान को याद किया गया।कार्यपालन कलाकार लोक निर्माण धमतरी की हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन व्रत दिया गया।
