वाड्रफनगर – प्रतापपुर विधानसभा की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के ऊपर कांग्रेस व अन्य पार्टी के कुछ पदाधिकारी के द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप लगाते हुए बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे आहत होकर आदिवासी समाज के लोगों ने हजारों कि संख्या में आक्रोश रैली निकलते हुए विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के ऊपर लगाए गए आरोप का खंडन किया है समाज के मुखियाओं के द्वारा कहा गया कि सरगुजा संभाग पांचवी अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां पर 13 (3) क रूढ़ि प्रथा के तहत विधि का बल आदिवासी समाज को प्रदान करता है जिसके तहत आदिवासीयो को संवैधानिक अधिकार प्रदान करता है और ऐसे में किसी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र समाज के प्रमुख एवं ग्रामसभा के द्वारा निर्धारित करने का संवैधानिक अधिकार है
परंतु सिर्फ अधिकारियों कि भूल को आधार बना कर जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र पर उंगली उठाते हुए विधायक को फर्जी कहना समाज को कतई बर्दाश्त नहीं है समाज प्रमुखों ने कहा है कि जाति प्रमाण पत्र पटवारी प्रतिवेदन, तहसीलदार ,एवं अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा विधवत दस्तावेजों के अवलोकनार्थ उपरांत जारी किया जाता है जिन लोगों के द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं
वे लोग पहले समाज में इस बात को क्यों नहीं बताएं और बगैर समाज के सहमति के ही इनके द्वारा आरोप लगाते हुए मामले को न्यायालय तक लेकर पहुंच गए जब मामला न्यायालय में विचारधीन है तब बगैर न्यायालय के आदेश का इंतजार किया ही साजिश के तहत प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य को प्रभावित करने एवं विधायक की छवि को धूमिल करने के लिए जो आरोप कांग्रेस पार्टी के एवं अन्य पार्टी के पदाधिकारी के द्वारा लगाया जा रहा है उसका उपस्थित सर्व आदिवासी समाज खंडन करता है साथ ही समाज के प्रमुखों के द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी बात रखते हुए मांग रखा है कि ऐसे लोग जो समाज एवं न्यायालय का अपमान कर रहे हैं उनके विरुद्ध न्यायालय के अवमानना और बगैर किसी न्यायालय के आदेशार्थ हुए बिना मनगढ़ंत आरोप लगा कर बदनाम करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही कि जावे।
वही इस संबंध में विधायक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है समय पर मैं न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत करूंगी यह विपक्ष का चाल है जो क्षेत्र की जनता के विकास कार्यों को प्रभावित करना चाहती है मेरी छवि को धूमिल करने का साजिश रचा जा रहा है ।
