काकभुशुण्डि जी पहुंचे श्री शिवरीनारायण मठ राम कथा निर्माणाधीन पंडाल में।

आजकल यह विलुप्त पक्षियों में शामिल होते जा रहा है यदा- कदा कहीं-कहीं पर ही इनका दर्शन होता है।

शिवरीनारायण :- श्री सीताराम विवाह महोत्सव के परिपेक्ष में शिवरीनारायण मठ में कथा के आयोजन हेतु भव्य पंडाल निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, दिनांक 31 अक्टूबर को सुबह लगभग 10:00 बजे दो काकभुशुण्डि (कौवा)आकर निर्माणाधीन पंडाल के ऊपर एवं मध्य में बैठ गए और वे निरंतर पंडाल को देखने लगे ऐसा लग रहा था मनोज श्री राम कथा पंडाल निर्माण का अवलोकन कर रहे हों। कुछ लोगों ने कहा कि बहुत दोनों के बाद काकभुशुंडी दिखाई दे रहे हैं। मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा रचित श्री रामचरितमानस में काकभुशुण्डि जी महाराज एक अत्यधिक महत्वपूर्ण पात्र हैं। गोस्वामी जी ने लिखा है कि – *संभु कीन्ह यह चरित सुहावा। बहुरि कृपा करि उमहि सुनावा।। सोइ सिव कागभुसुंडिहि दीन्हा। राम भगत अधिकारी चिन्हा।।* अर्थात शिव जी ने पहले इस सुहावना चरित्र को रचा, फिर कृपा करके पार्वती जी को सुनाया वही चरित्र शिवजी ने कागभुसुंडि जी को राम भक्त और अधिकारी पहचान कर दिया। उल्लेखनीय है कि श्री दूधाधारी मठ में 2 नवंबर से 11 नवंबर तक संगीतमय श्री राम कथा का आयोजन होगा तथा श्री शिवरीनारायण मठ में कथा का आयोजन 17 नवंबर से 25 नवंबर तक निर्धारित है। दोनों ही स्थानों में कथा का समय सुबह 9:00 से दोपहर 12:00 तथा अपराह्न 3:00 से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित की गई है।