महिलाओं को आत्मनिर्भरता और बच्चों को सुरक्षित भविष्य की दिशा दिये गये।

धमतरी – छत्तीसगढ़ राज्य आगामी 1 मार्च को अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में पूरे कर रजत महोत्सव मना रहा है। इन पुरातन वर्षों में प्रदेश ने विकास के विभिन्न आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य शासन द्वारा संचालित मंत्रिमण्डल ने समाज की जमीनी तस्वीर को स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित संविधान एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया है। धमतरी जिले में भी इन दिशानिर्देशों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ‘लाखों हितग्राही विभिन्न योजनाओं से लेकर इकोनोमिक बिजनेस, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की ओर अर्थव्यवस्था हो रहे हैं।’महिला संस्थान की दिशा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2005-06 से परिवर्तन की जा रही है। अब तक जिले में 2066 हितग्राही घोड़े बने हुए हैं। इस योजना में आर्थिक रूप से ढाले परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है जिसमें कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार नोनी सुरक्षा योजना (2014) से 6316 हितग्राही योजनाएं पेश की गईं, जिन्होंने बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए वित्तीय संबल प्रदान किया।’बेटी की बचत और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (2015) एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुआ है। जिले के 44,182 गांव इस योजना से अपने भविष्य की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं दिशा दर्शन योजना (2012-13) के माध्यम से 892 हितग्राहियों को शिक्षा एवं रोजगार अवसरों का लाभ मिलता है। ‘प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई महतारी वंदन योजना (2024) ने अल्प समय में ही व्यापक प्रभाव शुरू कर दिया है। धमतरी जिले में अब तक 2,31,662 हितग्राही योजना शुरू हो चुकी है। यह योजना मातृभाषा सुरक्षा, पोषण और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (2017) से 58,822 हितग्राही टूल्स सुरक्षित संस्थानों की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।’महिलाओं को संयोजन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना (2003-04) से 1494 महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया गया। इसी क्रम में महिला लाख सक्षम योजना (2009-10) से 147 हितग्राही हुए राज्य में इस सहायता से अपने जीवन स्तर में सुधार किया गया।बाल कल्याण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना (2009) ने 1129 बच्चों को स्टार्टअप एवं सामाजिक सहायता योजना उपलब्ध करायी है। इसके अतिरिक्त हाल ही में शुरू की गई पोषण पोषण आहार योजना (2025) ने 65,433 हितग्राहियों को पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराई है, जिससे पोषक तत्वों की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन सभी प्रावधानों के माध्यम से धमतरी जिले में महिला संविधान, बाल कल्याण एवं पोषण सुधार के क्षेत्र में नई दिशा मिली है। राज्य शासन का सतत प्रयास महिलाओं और बच्चों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा जा सकता है कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश में महिला एवं बाल कल्याण की दृष्टि से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त होती हैं। आने वाले समय में इन नामांकनों में और अधिक शेयरधारकों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन होंगे और छत्तीसगढ़, नवा छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से उद्योग-धंधे होंगे।