200 सीटर क्षमता वाली कोचिंग सेंटर में डिजिटल सुविधा युक्त नई लाइब्रेरी’ विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन का माहौल।

धमतरी – धमतरी शहर के सबसे बड़े चर्च संग्रहालय (पी.जी. कॉलेज) में अब छात्रों को अध्ययन के लिए एक अनोखी, सुविधाजनक और डिजिटल सुविधा से युक्त नई लाइब्रेरी की शुरुआत मिल रही है। यह लाइब्रेरी 112 सीट क्षमता वाली होगी, साथ ही इसमें 88 सीट क्षमता वाली डिजिटल लाइब्रेरी भी स्थापित की जाएगी। इस नई लाइब्रेरी के निर्माण में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें छात्रों के लिए हर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। धमतरी शहर के बाबू छोटेलाल फोटोग्राफर संग्रहालय में स्वयं के फंड से बनवाया जाएगा। जिसका जनभागीदारी समिति की बैठक में अनुमोदन दिया गया है। कुल 653.12 वर्ग मी. में लाइब्रेरी का निर्माण होगा। भूतल पर प्लांट क्षेत्र – 452.16 वर्ग मीटर और प्रथम तल क्षेत्र 200.96 वर्ग मीटर में लाइब्रेरी का निर्माण होगा। निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग का दायित्व सौपा गया है। यह लाइब्रेरी 11 सीट क्षमता वाली होगी, साथ ही 88 सीट क्षमता वाली डिजिटल लाइब्रेरी भी स्थापित की जाएगी। भूतल में 112 सीटर क्षमता वाली लाइब्रेरी और 35 सीटर डिजिटल लाइब्रेरी होगी। प्रथम तल पर 53 सीटर क्षमता वाली डिजिटल लाइब्रेरी एवं डोम निर्माण कार्य में इस सुविधा का लाभ कॉलेज के लगभग 3,000 छात्रों को मिलेगा। नई लाइब्रेरी में डॉक्युमेंट्स के साथ-साथ ई-बुक्स, ऑफलाइन जर्नल्स, रिसर्च लेटर, कंप्यूटर और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे छात्रों को पारंपरिक और आधुनिक दोनों माध्यमों से अध्ययन करना संभव होगा।लाइब्रेरी को एक लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें स्टडीज रूम, ग्रुपशन डिस्क सेक्शन, ई-लर्निंग जोन और शांति वातावरण में स्टडी डेवलपमेंट अलग-अलग क्षेत्र होंगे। कॉलेज प्रशासन द्वारा यह प्रयास किया गया है कि लाइब्रेरी को कम से कम 12 से 18 घंटे तक खुला रखा जाए, ताकि छात्र अपने अध्ययन के साथ-साथ कॉलेज कॉलेज की तैयारी को भी सहज रूप से कर सकें।कलेक्टर  अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण पहल है। नई लाइब्रेरी न केवल विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि यह स्कूली विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेगी। हमारा लक्ष्य है कि इस लाइब्रेरी को जिले का एक मॉडल लर्निंग सेंटर बनाया जाए, जहां तकनीक और ज्ञान का समन्वय हो श्री मिश्रा ने यह भी कहा कि शिक्षा क्षेत्र में रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस जिले में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य को समय-सीमा में संशोधित किया जाए और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय को अधिकतम उपयोगी बनाया जाए। धमतरी जिले में नई लाइब्रेरी के निर्माण से उच्च शिक्षा स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है। यह प्राथमिक छात्रों में अध्ययन के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार है।