टीम ने प्राचीन शैलचित्र की अद्भुत विद्याओं का अवलोकन किया।
कांकेर – छत्तीसगढ़ शासन जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन के अंतर्गत ग्राम गोटीटोला में आज से ‘ब राइजिंग’ नामक विशेष अभियान के संयुक्त प्रयास से हुआ। अभियान के प्रथम दिन हिमाचल प्रदेश से आये नवोन्वेषी दल के द्वारा आज करिश्मा विकासखण्ड के ग्राम गोटीटोला के घाटों में स्थित प्राचीन शैलचित्र के एलियानुमा संग्रहालय का अवलोकन किया गया। इस अभियान में टीम के सभी सदस्यों ने वहां मौजूद प्राचीन शैलचित्रों (रॉक पेंटिंग/शैलाश्रय चित्र) का गहनता से अध्ययन किया और स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने इन शोधपत्रों में मुक्तकण्ठ से प्रशंसा की।
गोटीटोला शैलचित्र : एक झलक
गोटीटोला में पाए जाने वाले शैलचित्रों की विशेषता है कि वे “जोगड़ा देव” नामक शैलाश्रय से संबंधित माने जाते हैं। इन कलाकृतियों में मानव शिलालेख, हाथों की चट्टानी आकृतियाँ, पग-चिन्हों, पशु वैज्ञानिक एवं अन्य मूर्तियाँ देखी गई हैं। खास बात यह है कि कुछ संरचना में मानव शीर्षयां लाल और पीले रंग की बात बनी हुई है, और समय के साथ आज तक इनका रंग वर्गीकरण नहीं किया गया है। एक दिलचस्प चित्रण से यह भी पता चलता है कि कुछ टॉपयां एलियन जैसे स्वरूप की विशेषताएं होती हैं। इन सिर पर विशेष आकार, आदिवासियों एवं हाथों में तीन-तीन डायनासोर का चित्र आदि शामिल है। इन शैलचित्रों के संबंध में वर्ष में अध्येताओं की मान्यता है कि ये चित्र 5 हजार से भी अधिक पुराने हो सकते हैं। यह शैलखंड “रामगुड़ा” नामक वृत्ताकार चट्टान पर स्थित है, जो गोटीटोला क्षेत्र की चट्टानों पर स्थित है।उल्लेखनीय है कि “बस्टर राइजिंग” के तहत “हार्मोनी फेस्ट 2025” नामक इस बहुसंख्यक अभियान के तहत सांस्कृतिक, सांस्कृतिक और उद्यम उद्यमों को राष्ट्रीय स्तर पर चित्रित करने और अलग-अलग पहचान के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान विभाग द्वारा विद्वानों, विद्यार्थियों, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद कार्यशालाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। “दिल मेला: दिल में ला” थीम पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत स्टोइकलिस्ट की रहस्यमय कहानियाँ, नवप्रवर्तन और सांस्कृतिक विरासत को चित्रित किया जाएगा।
रैसटैग टीम में ‘प्लेसेज ऑफ पॉसिबिलिटीज’ के संस्थापक प्रतुल जैन समेत परीना सैट, प्लाया चौधरी, आयुषी कपूर, निष्ठा जोशी, सदफ अंजुम, फ्रानो डिसिल्वा शामिल थे। टीम के सदस्यों को इंक्रेडिबल छत्तीसगढ़ के संस्थापक धीरज कटारा ने स्थानीय प्रयोगशालाओं से आमंत्रित किया। इस अवसर पर जनसम्पर्क विभाग के संयुक्त सचिव ठाकुर ठाकुर भी उपस्थित थे।
