धमतरी – मुख्यमंत्री शिक्षा अभियान के तहत आज जिलों के सभी शालाओं में सामाजिक अंकेक्षण एवं पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, परीक्षा परिणाम, छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष चर्चा की गई।सामाजिक अंकेक्षण के 168 अधिकारियों को संकुल स्तर पर 168 अधिकारियों को नियुक्त किया गया।रजिस्ट्रार श्री मिश्रा प्लास्टिक स्कूल लोहरसी पहुंचे और वहां आयोजित सामाजिक अंकेक्षण एवं पालक-शिक्षक बैठक में शामिल हुए। उन्होंने स्कूल के पूर्व परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए असंतोष व्यक्त किया और आगामी परीक्षाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।शिक्षक ने कहा कि “शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। बच्चों की पढ़ाई में कोई भी कमजोरी नहीं रहनी चाहिए। शिक्षक नियमित रूप से विशेष मेहनत करें और प्रशिक्षित छात्रों पर ध्यान दें।”उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तक में बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और विषय वस्तु को दूर करने के लिए अतिरिक्त कक्षा कक्ष की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी कहा कि “दूरस्थ वनक्षेत्रों के परिप्रेक्ष्य में शत-प्रतिशत परीक्षण परिणाम आ रहे हैं, तो जिला मुख्यालय के परिप्रेक्ष्य में कमी क्यों हो रही है। हमें सामूहिक रूप से विचार और सुधार की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।”‘ श्री मिश्रा ने छात्रों से तिमाही परीक्षा की जानकारी ली और उनके अध्ययन से जुड़े प्रश्नों के बारे में पूछा। उन्होंने छात्र को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘आप सिर्फ पास होने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाई के लिए योग्यता में स्थान बनाएं।’उन्होंने निर्देश दिया कि मेधावी छात्रों के लिए भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रणनीति बनाएं और उन्हें आगे बढ़ाएं। साथ ही, एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे स्कूलों की जांच, परीक्षा की तैयारी और बच्चों की प्रगति पर नियमित रूप से निगरानी रखें।इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) अनुराग छात्र द्वारा सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए गए और अभिभावकों की उपस्थिति में विद्यालय की सहायता की समीक्षा की गई।कार्यक्रम में एपीसी श्री बालाजी साहूकार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर चौधरी, बीआरसीसी श्री ललित सिन्हा, संकुल समन्वयक दीना अग्रवाल, छात्र शिष्या मतेश्वरी दीवान, पालकगण एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
