राजिम – नौ दिनों तक पूजा अर्चना पश्चात हवन और धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात मां दुर्गा की प्रतिमाओ का विसर्जन किया गया। सुबह से ही गांव और कस्बों के मंदिरों तथा पंडालों में भक्तगण जुटने लगे विशेष पूजन के बाद मां दुर्गा की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में जसगीत मांदिर की थाप और डीजे की धुनों पर भक्तगण झूमते गाते नजर आये ।जगह जगह फूलों से स्वागत किया गया। माता को विदा करते समय माहिलाओं ने आरती उतारी और चुनरी अर्पित कर आशीर्वाद लिया। युवाओं ने उत्साह और ऊर्जा के साथ विसर्जन यात्रा को संपन्न कराया। विसर्जन पश्चात जगह जगह भंडारे का आयोजन किया गया। हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में ग्रामीण महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए । भक्तों की भीड़ देर शाम तक बनी रही और प्रसाद वितरण के दौरान आपसी सहयोग और भाईचारे का अदृभुत उदाहरण देखने को मिला। नवरात्रि के नौ दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने माता रानी से आशीर्वाद लेकर सुख समृद्धि और मंगलकामना किया। भक्तों का कहना था कि यह पर्व आत्मशुद्धि सामाजिक एकता और आस्था का प्रतीक है।
