कोंडागांव – मुख्य एवं चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. आर.के. सुरक्षा के निर्देशानुसार कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोंडागांव के सभाकक्ष में विश्व रेबिज दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर के अंतिम वर्ष के छात्रों को रेबीज संक्रमण, उसके कारण और टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।कार्यक्रम में बताया गया कि यदि कोई जानवर असामान्य रूप से कटा है तो वह रेबीज़ संक्रमण का कारण हो सकता है। कटे हुए घाव को तुरंत बहते पानी से कपड़े चाहिए और उसे खुला रखना चाहिए। समय पर एंटी रेबीज टीकाकरण बेहद जरूरी है क्योंकि बिना टीके के इंजेक्शन के लक्षण 30 दिन से 6 साल के भीतर दिखाई दे सकते हैं, जिनमें पानी, हवा और रोशनी से लेकर गंभीर लक्षण शामिल हैं।कार्यक्रम में बताया गया कि पेट की हड्डी को नियमित रूप से एंटी रेबीज का टीका लगाना चाहिए और यदि पहले से टीका लगाया गया हो तो डॉक्टर के निर्देशों पर जाकर टीका लगाना आवश्यक है। साथ में सभी मेडिकल हेल्थ आर्किटेक्चर में एंटी रेबीज किट मुफ्त उपलब्ध हैं और ये सभी टूल्स के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं।कार्यक्रम में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के सदस्य, जिला समन्वयक टी.बी. विभाग श्री कांतग देवांगन, आईसीटीसी काउंसलर श्री संतोष ठाकुर, एसटी एसएस काउंसलर श्रीमती रीना एवं जिला महामारी विशेषज्ञ श्री झम्मन लाल वर्मा उपस्थित थे।
