प्रभावित और तटीय इलाकों में भी अब बच्चों को मिल रही गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा।
धमतरी – प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य छत्तीसगढ़ भर में शालाओं एवं बिजली व्यवस्था का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इस प्रक्रिया से धमतरी जिले के अनेक मनोविज्ञान में जहाँ शिक्षक विकसन की स्थिति थी, वहाँ अब असैनिक पद की स्थापना हो चुकी है। इसके मूल सिद्धांत में वैज्ञानिक मनोवैज्ञानिक ढांचा हो रहा है और बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है।नगरी विकासखंड के दूरस्थ प्रभावित गांव एकावरी के ढांचागत माध्यमिक शाला में पूर्व में केवल एक ही शिक्षक ग्रेड थे। युक्तियुक्तिकरण के अंतर्गत अब गणित एवं विज्ञान विषय के दो संकाय की पेशकश की गई है। इन बच्चों की पढ़ाई में तटस्थता और अभिभावकों में भी संतोष है।इसी प्रकार घोटगांव के प्राथमिक शाला में 48 बच्चों के लिए केवल एक प्रधानपाठक ही भर्ती थे, जो मई माह में सेवानिवृत्त हो गए, जिससे शाला शिक्षक विकसन हो गए। अब युक्तियुक्तीकरण से इस विद्यालय में एक प्रधानपाठक और एक शिक्षक का पद स्थापित किया गया है।चचानवाढ़ी प्राथमिक शाला भी लंबे समय से शिक्षक विज़न था। इस विद्यालय में अब प्रधानपाठक सहित दो संप्रदाय की पेशकश की गई है।जनभागीदारी समिति की सदस्या श्रीमती बिसरीबाई ने कहा कि विद्यालय में साझीदारों के बच्चों को पूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने शासन-प्रशासन के सहायक उपाध्यक्ष ने कहा कि यह पहले बच्चों के भविष्य की दिशा में कदम है।युक्तिकरण की इस पहल से न केवल शिक्षक विक्सन शालाओं में शिक्षण व्यवस्था सुचारु हुई है, बल्कि ग्रामीण आंचलों के बच्चों को अब बेहतर शिक्षा का अवसर भी मिल रहा है।
