कोंडागांव जिले के घोड़ागांव में पोषण माह पर विशेष लोकसंपर्क कार्यक्रम, जागरूकता में जागरूकता।

कोंडागांव – सेंट्रल संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय कांकेर द्वारा कोंडागांव जिले के अंतिम छोर पर बसे घोड़ागांव गांव में आज पोषण माह के तहत विशेष लोकसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आतिथ्य की बड़ी संख्या में भागीदारी जारी है। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक शासन की परिभाषा की जानकारी और पोषण संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना था।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला समिति सदस्य श्रीमती रामदाई नाग का आगमन हुआ। ग्राम सरपंच श्री बालसू नेता ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका निभा रही हैं। मंच से महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री संजय पोटाई, स्वास्थ्य विभाग की सुपरबोयडर श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर, स्वास्थ्य विभाग की सुपरप्रभारी श्रीमती सुधादी नामदेव, स्वास्थ्य कार्यकर्ता संत नाग, चिकित्सा अधिकारी शशिकला पोयम, सहायक नर्स मिडवाइफ़ (एनएनएम) श्रीमती लक्ष्मी नेताम, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (आर.चौधरी) श्रीमती बी. मोमिन और अणुव्रत के सुपर दारोमदार बिंगू राम कोर्राम ने आतिथ्य को चित्रित किया।महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री पोटाई ने अपनी याचिका में कहा कि आहार ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का महत्व विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने कट्टरपंथियों को कट्टरपंथियों से साझेदारी में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग के स्केच में टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता पर प्रकाश डाला गया।जीवंत और आकर्षक बनाने के लिए कार्यक्रम को भी आयोजित किया गया। तीन कुर्सियों में कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया। विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रश्न मंच का आयोजन भी हुआ, जिसमें शासन की नीति और पोषण संबंधी प्रश्न पूछे गए। सही जवाब देने वाले को ऑफिसियल कर पद से हटा दिया गया।गांव के युवाओं से लेकर युवाओं और बच्चों तक ने इस कार्यक्रम में सक्रियता दिखाई। पुनर्जन्म ने शासन की परिभाषा के बारे में जानकारी हासिल की और स्वास्थ्य तथा पोषण से संबंधित विषयों पर नया दृष्टिकोण प्राप्त किया।इस विशेष लोकसंपर्क कार्यक्रम से घोड़ागांव जैसे घोड़े और अंतिम घोड़े के गांव में जागरूकता की नई लहर दौड़। इसे ऐसे प्रोग्राम को समय-समय पर आयोजित करने के लिए लिखा गया है।