मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से सम्मानित जिले के उत्कृष्ट शिक्षक।

शिक्षा के साथ संस्कार, ज्ञान और दिशा प्रदान करते हैं शिक्षक: न्यूनतम श्री नाग।

कांकेर – एक शिक्षक से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति तक की यात्रा करने वाले डॉ. सर्वपल्लीकृष्णन के जन्मदिवस के रूप में विविधता शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज जिले के 38 स्कूलों को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया। इसके अंतर्गत 03 शिक्षक को ज्ञानदीप पुरस्कार और 21 शिक्षक शिक्षादूत पुरस्कार और 07 उत्कृष्ट प्रधान पाठक प्राथमिक स्तर से सम्मानित किये गये। इसके अलावा सेवानिवृत्ति एवं रजत जयंती महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक भी चले गये। सम्मान समारोह का आयोजन शहर के न्यू कम्यूनिटी हॉल में किया गया, जहां शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान वाले को साइंटिस्ट पत्र और प्रतीक चिन्ह के रूप में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  भोजराज नाग उपस्थित थे, जबकि समारोह के दौरान कांकेर के प्रमुख नेता  आशाराम नेता ने की।अल्पसंख्यक श्री नाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता के बाद सबसे बड़ा आदर्श शिक्षक प्राप्त होता है क्योंकि शिक्षक ही विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, ज्ञान और दिशा प्रदान करते हैं। हमारी परंपरा के अनुसार गुरु को भगवान से ऊपर माना गया है। समाज के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि हमारे आश्रम के सदस्यों में बच्चों को परंपरा और रीति-रिवाजों की जानकारी छोटी उम्र से ही दी जानी चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में उनकी राखियां सुरक्षित हो सकें।समर्थक श्री नेताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। समाज एवं शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्था प्रदान करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आज के इस सम्मान समारोह में अनुशासनात्मक कर्तव्य, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव का प्रमाण दिया गया है, जो कि कठिन कोलंबिया में भी छात्रों को बेहतर शिक्षा देने का काम करता है। कार्यक्रम में मछुआ बोर्ड कल्याण अध्यक्ष  भरत मटियारा एवं हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर ने भी भाग लिया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत ज्ञानदीप पुरस्कार से नरहरपुर विकासखंड के  संतराम ठाकुर, हीराचंद्र साहू और चारामा के  हरीशचंद्र साहू को सम्मान पत्र और 07-07 हजार उत्साह का प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार के अंतर्गत अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गुकोंदल, कांकेर, कोयलीबेड़ा एवं नरहरपुर विकासखंड के 21 संस्थानों को प्रत्येक को 05-05 हजार रुपये का पुरस्कार राशि एवं प्रतिष्ठा पत्र दिया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रधान पाठक (प्राथमिक स्तर) की श्रेणी में कांकेर, कोयलीबेड़ा, दुर्गुकोंदल, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर और अंतागढ़ विकासखंड के 07 प्रधान पाठक को एक हजार रुपये के चेक से सम्मानित किया गया है। साथ ही माध्यमिक स्तर पर अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गोंदल, कांकेर, कोयलीबेड़ा और नरहरपुर विकासखंड के एक-एक प्रमुख पाठक 07 को भी प्रत्येक एक-एक हजार रुपए के चेक और प्रमाण पत्र स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए। इसके अतिरिक्त रजत जयंती वर्ष के मध्य में जिलों के 25 उत्कृष्ट संस्थानों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्या मृदुला भास्कर, पूर्व सहयोगी श्रीमती सुमित्रा मार्कोले, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश निशाद, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण, रेजिडेंट नागरिक, अध्यापिका और छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।