“इतवारी राम चिंडा” स्कूल का नामकरण करने की मांग।
नगरी /राजशेखर नायर – 10 वर्ष पहले स्वर्गीय इतवारी राम चिंडा परिजनों ने 1 एकड़ से भी अधिक भूमि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसियां के लिए शासन से यह आश्वासन मिलने पर दान दिया था की दान की भूमि में स्कूल भवन निर्माण के बाद, स्वर्गीय इतवारी राम चिंडा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फारसियां नामकरण किया जाएगा,
पर 10 वर्ष गुजर जाने के बाद भी शासन द्वारा अब तक स्कूल का नामकरण नहीं किए जाने से नाराज दानदाता इतवारी राम के परिजनों एवं ग्रामवासियों ने स्कूल की तालाबंदी की और शासन को चेतावनी दी कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आने वाले समय में मांग पूर्ण होते तक तालाबंदी की जाएगी और परिजनों ने कहा स्कूल परिसर में ट्रैक्टर से जुताई कर कृषि कार्य किया जाएगा.
स्वर्गीय इतवारी राम चिंडा के परिजन कोमल सिंह कश्यप ने कहां की मेरे दादा ने आसपास के ग्राम के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए करोड़ों की भूमि स्कूल भवन बनाने के लिए दान कर दी, तात्कालिक कलेक्टर द्वारा आश्वासन भी दिया गया था कि “स्कूल भवन के लिए भूमि दान करने पर स्कूल का नामकरण इतवारी रामचिंडा किया जाएगा” पर भूमि दान के 10 वर्ष बाद भी नामकरण की कार्रवाई नहीं की गई, शासन तक ग्राम वासियों की मांग की आवाज पहुचाने तालाबंदी की जा रही है.
