आज का युवा सिर्फ नौकरी बेचने वाला नहीं, बल्कि अवसर गढ़ने वाला बन रहा है: श्री मिश्रा
धमतरी – जिले के युवाओं को उद्यमिता और प्रयोगशालाओं से प्रेरित करने के उद्देश्य से आज कुरूद विकासखंड मुख्यालय स्थित राजा चक्रधर स्टेडियम में “उद्यम से विकास” श्रृंखला का तीसरा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का समापन धमतरी के कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित किया। इससे पहले पहला कैंप धमतरी और दूसरा कैंप मैग्लोड डेवलपमेंटखंड में आयोजित किया गया था।रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “आज का युवा सिर्फ नौकरी वाला नहीं, बल्कि अवसर गढ़ने वाला बन रहा है। छात्र एक ऐसा माध्यम है जिससे युवा सिर्फ खुद को स्वावलंबी बना सकते हैं, बल्कि युवाओं को भी रोजगार दे सकते हैं।” उन्होंने बच्चों की प्रयोगशालाओं से जुड़ी साहित्यिक जिज्ञासाओं को चयनित और बैंक से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए लीड बैंक मैनेजर से सहयोग करने की सलाह दी।कैंप में कुछ यंग नोबल क्रिएटिविटी ने डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत की, जैसे कि उभरते क्षेत्र में अपने कैथेड्रल मेडिसिन का इम्प्लीमेंटल पावर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें सहायक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने नामांकन किया।रजिस्ट्रार ने कहा कि किसी वस्तु को चुराने के लिए उसका रिकार्ड महत्वपूर्ण स्थान पर है। कीमत अच्छी और आकर्षक होगी तो, सामग्री की कीमत भी बढ़िया होगी दाम पर जारी किया जा सकता है। आज की मार्केटिंग में लोग को सबसे ज्यादा जोर दे रहे हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सोसायटी रायपुर के सीईओ मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश ममानी, नरेश बंजारे, दुर्गेश गंजीर, दुर्गेश पटेल सहित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक प्रशांत चंद्राकर, जगमोहन एक्का, शिक्षक प्रचेता किरण, अनुविभागीय अधिकारी नाभसिंह और अन्य विशेषज्ञों ने छात्रों को अपने व्यावसायिक सलाहकारों से सलाह दी।शिविर में लगभग 200 युवा समर्थकों ने विभिन्न उत्पाद विवरण, सरकारी सहायता, निरर्थक लिंकेज और बिजनेस उद्यमियों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही एफएएमएई योजना के तहत सफल उद्यमियों को नामांकित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बढ़ावा देना, बाजार से जोड़ना, रोजगार एवं सृजन को बढ़ावा देना है। इसमें युवाओं को विशेषज्ञ दिशानिर्देश, नेटवर्किंग मंच और सरकारी मंजूरी का लाभ कैसे उठाया जाए-इस पर विस्तृत जानकारी दी गई है।कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने अंत में कहा, “प्रशासन का लक्ष्य है कि हर युवा अपनी फर्म को उद्यमिता के पथ पर आगे चलकर पहचाने। प्रशिक्षण शिविर ऐसे ही प्रयास की एक कड़ी है, जो धमतरी जिले को आत्मनिर्भर और स्थायी बनाएगा।
