नगरी / राजशेखर नायर – कहते हैं कि कठिन परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। सच्चे लगन, धैर्य और मेहनत के बल पर ही सफलता संभव है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि हम पहले अपने लक्ष्यों का चयन करें और फिर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इमानदार प्रयास करें।ऐसा ही लगन और परिश्रम का परिचय धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम छिपली के टिकरापारा निवासी, 25 वर्षीय युवा, घनश्याम साहू ने मूर्ति और पेंटिंग कला को निखारने में प्रदर्शित किया.घनश्याम साहू ने बताया की बचपन से ही उनकी रुचि मूर्तियां बनाने और पेंटिंग करने में थी. गणपति और दुर्गा उत्सव के लिए जब गांव में मूर्तियां तैयार की जाती थी, तब वे दिन भर मूर्ति बनाते मूर्तिकार को देखते थे, धीरे-धीरे उन्हें देखकर, मूर्ति बनाने का निरंतर प्रयास करते-करते अब अपने प्रयासों में सफल हो रहे हैं.घनश्याम साहू इस वर्ष अपने गांव के गणेश उत्सव के लिए शिव, पार्वती और गणेश भगवान एक साथ वाली बड़ी प्रतिमा बना रहे हैं, साथी ही आने वाले जन्माष्टमी पर्व को ध्यान में रखते हुए, श्रीकृष्ण भगवान की छोटी मिट्टी की मूर्तियों को आकर दे रहे हैं. घनश्याम एक अच्छे पेंटर भी है उन्होंने बताया कि सिहावा के शीतला मंदिर और नगरी के दंतेश्वरी मंदिर में उन्होंने कुंदन सोम के साथ पेंटिंग बनाने का काम किया है, उनके अनुसार पेंटिंग बनाने की कला उन्होंने ग्राम छिपली निवासी कुंदन सोम के साथ रहकर सीख, उन्हें पेंटिंग बनाते देख और उनके मार्गदर्शन से धीरे-धीरे अभ्यास से उनकी कला में निखार आई.उन्होंने बताया की दंतेवाड़ा की काटेकल्याण स्टेडियम में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली की और रायपुर के आरुषिक स्टूडियो में उन्हें पेंटिंग बनाने का मौका मिला, जिसकी काफी प्रशंसा हुई
घनश्याम साहू – मैं इको फ्रेंडली मूर्तियां बनाता हूं, मूर्ति निर्माण में, किसी तरह का सांचे का इस्तेमाल नहीं करता , मूर्तिया पूर्णत: हाथों और मिट्टी से आकार देता हूँ . एक बड़ी मूर्ति बनाने में एक माह से भी अधिक का समय लग जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्ति और पेंटिंग के कार्य की अच्छी कीमत ना मिलने से जीविका उपार्जन में परेशानी होती है, शासन को कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक उपाय करना चाहिए.
कैप्शन 2 -अपने घर की बड़ी में अपने गांव के गणपति उत्सव के लिए गणपति शिव पार्वती की मूर्ति बनाते हुए
कैप्शन 3 -प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली का पेंटिंग दंतेवाड़ा स्टेडियम में बनाया
रायपुर के आरुषिक स्टूडियो में पेंटिंग करते हुए।
