कोंडागांव – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा बिलासपुर द्वारा संचालित योजना के तहत प्रधान जिला एवं सत्रह राज्य न्यायिक सेवा बिलासपुर द्वारा संचालित योजना के तहत कोंडागांव का नालसा द्वारा संचालित जिला (आशा-जागरूकता, सहायता, सहायता एवं कार्रवाई) मानक ऑपरेशन प्रक्रिया-बाल विवाह से लिबरेशन की ओर सर्जरी, 2025, में। पर स्थित स्थान केन्द्र में रखा गया।कार्यशाला/प्रशिक्षण अभियान मुख्य प्रयोगशाला मजिस्ट्रेट कोंडागांव श्रीमती शमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकारी कोंडागांव के सचिव गायत्री साय और अजिथि नालसा द्वारा संचालित जिला श्थीश इकाई समिति समिति के साथ कार्यशाला समारोह हुआ।इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह से मुक्ति की ओर बाल विवाह के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके खिलाफ समलैंगिकता के लिए सामाजिक स्तर पर प्रयास करना है।प्रशिक्षण/कार्यशाला में मुख्य भूमिका मास्टर सासरा ने बताया कि बाल विवाह अपराध को समाप्त करने के उद्देश्य से आशा इकाई का गठन किया गया है। बाल विवाह जैसे सामाजिक संरक्षण को व्यापक जन-जागरूकता, समन्वित प्रयास और कानूनी समीक्षा के बारे में बताया जाना आवश्यक है। नालसा द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया, बाल विवाह को रोकने के लिए ग्रामवासी और शहरी क्षेत्र में आशा इकाई द्वारा एक शिविर आयोजित किया गया है, जो कि जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सचिव सरा के द्वारा नालसा की आशा योजना एवं कार्यशाला के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में ग्राम कोटवारों की बैठक कर गांवों में होने वाले बाल विवाह की सूचना ग्राम कोटवारों के माध्यम से सरपंच, पंच व ग्रामिणों, मितानिनों तथा शिक्षण कार्यकलापों से पढ़ाई तथा स्कूल, विद्यालय व अन्य शिक्षा शिष्यों में छात्र-छात्रा को बाल विवाह के शिक्षा के संबंध में विवाह शिविर आयोजित कर बाल मुक्त करने के संबंध में चर्चा की गई।पुनर्वसन में राजस्व विभाग से, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण विभाग, बाल/बालिका गृह विभाग, शिशु/बालिका गृह विभाग, मुख्य सचिव, मुख्य सचिव, अधिकार मित्र एवं अन्य आशा इकाई के सदस्य शामिल रहे।
