डी ए पी महंगे दाम में खरीदने पढ़ रहे है ।
नगरी /राजशेखर नायर – मानसून का सीजन प्रारंभ होते ही किसान खरीफ फसल की खेती में जूट गए है, सहकारी समितियों (सोसाइटी) से डी ऐ पी खाद नहीं मिलने से निजी कृषि दवा दुकानों से महंगे दाम चुका कर डी ए पी फर्टिलाइजर खरीदना पड़ रहा हैं. किसानों ने सरकार और खाद व्यापारियों के बीच सांठगाठ का आरोप लगाया है. सहकारी समितियां में जो डी ए पी फर्टिलाइजर 1100 से 1300 रुपए तक किसानों को उपलब्ध होते थे, उसे किसान अब मजबूरी में निजी दुकानों से 1900 से ₹2000 तक खरीदने को मजबूर हैं. जबकि शासकीय सहकारी समितियां के गोदाम खाली पड़े हैं तो निजी दुकानों में स्टॉक फुल है, जिसका फायदा उठाकर दुकानदार जमकर डीएपी खाद की मुनाफाखोरी में लगे हुए हैं.किसान लेखराज साहू ने बताया की डीएपी महंगा होने की वजह से उन्होंने इसका उपयोग बंद कर दिया है, पहले बोरे में डीएपी खाद आती थी, अब बोतल में लिक्विड डीएपी खाद प्रति बोतल ₹600 सोसाइटी से खरीदे जा सकते हैं,जिसका उपयोग स्प्रे के रूप में किया जाता है काफी महंगा पड़ता है. किसानों ने सरकार से सोसाइटी में तुरंत डीएपी दानावाला खाद उपलब्ध कराने की मांग की है.
फोटो – सुनील मरकाम- नयापारा निवासी किसान सुनील मरकाम ने बताया कि समिति में राखड़ और यूरिया खाद मिल रहा है पर डीएपी उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से कृषि दवा विक्रेताओं से 1950 रुपए में प्रति बोरा डीएपी खाद खरीदना पड़ रहा है, जबकि यही खाद सोसाइटी से 1250 रुपए में खरीदा था.
Photo- बिसाहू राम- किसान बिसाऊ राम ने सोसाइटी से कर्ज के रूप में खरीदे गए डीपीएम उरीया खाद की रसीद दिखाते हुए बताया कि पहले 1244 में डीएपी और 298 रुपए में यूरिया फर्टिलाइजर खरीदा था अब डीएपी खाद सहकारी सेवा समितियां में उपलब्ध नहीं है
