मानचित्र परियोजना: भूमि अभिलेख निदेशक  विनित नानवार ने दिया प्रशिक्षण।

धमतरी – परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ भूमि अभिलेख मानचित्र निदेशालय  विश्वनाथ नंदवार ने जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया। फील्ड के सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी, भू-वैज्ञानिकों की जानकारी, भूमि संबंधी इंजीनियरों का संकलन, भू-धारकों, भामि की जानकारी का संकलन, उच्च तकनीक वाली रोवर, ई टी एस मशीन, मोबाइल, वेब बेस्ड पोर्टल का उपयोग करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही समय-समय पर अपूर्ण त्रुटिपूर्ण मौलिक अधिकार अभिलेखों का निर्माण, तैयार अभिलेखों का प्रकाशन, दावा-आपत्ति और उनके दावे, डिजिटल अभिलेखों का पुनः आरंभ अंतिम प्रकाशन, अभिलेखों का मान्यकरण, प्रापार्टी कार्ड का वितरण आदि के बारे में भी बताया गया है।प्रशिक्षण में रजिस्ट्रार  अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिला शासन की आशा और विश्वास पर खरा उतरा है। निगम क्षेत्र के निवासियों का पुराना सपना राजस्व पुरा अभिलेखों का त्रुटिपूर्ण अनाधिकृत निर्माण हेतु प्रापर्टी कार्ड उपलब्ध हो जाएगा। धमतरी जिले की कार्य सर्वेक्षक टीम राज्य में सबसे बेहतर है, उनके कार्य कौशलता, कर्मठता और संपादन की पूर्णता पर विश्वास वैयक्तिक प्रोटोटाइप करते हुए आने वाले दिनों में एक स्टूडियो अभिलेख निर्माण का विस्तार स्पष्ट रूप से किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में धमतरी मानचित्र परियोजना का उदाहरण दिया जाएगा। श्री मिश्रा ने बताया कि नगर पालिका निगम क्षेत्र 23.4 वर्गवर्ग है। कुल मिलाकर, निगम क्षेत्र के पेरी शहरी क्षेत्र के साथ कुल 48 वर्ग किमी. बफ़र्स के साथ सर्वेक्षण किया गया। वर्टिकल ग्रोथ के साथ-साथ युरिजोंटल ग्रोथ के विशाल डूब के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया। इसका लाभ इस निगम को आने वाले 15-20 साल तक रहेगा। निगम के इंफ्रा में सुधार व टैक्स के लिए भी माइल्स का पत्थर साबित होगा।

पहली बार ट्रेनर्स को प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया

आयुक्त भू-लेख छ.ग.  विनित नंदावर द्वारा हर एक नमूने का विस्तृत प्रारूप तैयार किया गया। उन्हें उम्मीद है कि हमेशा की तरह यह प्रोजेक्ट धमतरी जिले में भी बना रहेगा। इस वेबसाइट पर, भू-पुस्तकालय छ.ग.  मधुहर्ष देवांगन द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। राज्य के दो सहायक उपकरण पंपटी द्वारा तैयार किये गये। मानचित्र परियोजना के राज्य विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर और राजस्व पर्यवेक्षक धमतरी श्री दीपचंद भारती द्वारा मानचित्र परियोजना का उद्देश्य, सर्वेक्षण की कहानी, क्षेत्र सर्वेक्षण, सर्वेक्षण के दौरान जानकारी संकलन, भूवैज्ञानिकों के द्वारा जाने वाले सिद्धांतों का विधिक अध्ययन के उपाय, सिद्धांतों के विषय और उनके अध्ययन हल, डेटा दस्तावेज़, अभिलेख निर्माण के संबंध में बारिकी से विचार रखा गया।सर्वेक्षण दल के सदस्यों से नियुक्त प्रशिक्षकों द्वारा, सर्वेक्षण दल के सदस्यों के उत्तरदायित्व के लिए अपर रजिस्ट्रार एवं प्रभारी अधिकारी भू-संचालक श्रीमती इंदिरा देवहारी को नियुक्त किया गया। इस अवसर पर  मधुकर सिरमौर के कप्तान भू-अभिलेखागार एवं सहायक भंडारी अधिकारी नक्शा, मुख्य अतिथि, सहायक-अध्यक्ष भू-अभिलेखागार, निगम के इंजीनियर, राजस्व, निगम के आर.

मानचित्र परियोजना का उद्देश्य

बेहतर उद्यम, रेज़िड पूर्ण अभिलेख निर्माण, शहरी विकास, शहरी क्षेत्र की दृष्टि ढाँचो में सुधार, भूमि विवाद का प्रस्ताव और शहरी क्षेत्र में स्वामित्व वितरण कर भू स्टोक्रो की आर्थिक नीति बनाना इसका उद्देश्य है। इसके साथ ही कर सकते हैं, पिरामिड भूमि की पहचान करना भी मानचित्र परियोजना का उद्देश्य है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “नक्शा प्रोजेक्ट” शहरी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर पूर्ण ऑनलाइन अभिलेख तैयार कर पात्र भू-धारकों को प्रापार्टी कार्ड का वितरण से संबंधित है। शहरी सर्वेक्षण के तहत प्रदेश के 3 नगरपालिक निगम, धमतरी, जगदपुर, सरगुजा को पाइपलाइन परियोजना के तहत लिया गया है।

रेजिन्द्र की संस्था..

अरनव इंजीनियरिंग कंसल्टेंसीज लिमिटेड और कारपोरेशन उच्च तकनीक 2 डी नादिर कैमरा और 4 एब्लिक एंगल्ड कैमरा से लेस डेम्रिज आर्किटेक्चर की पेशकश की गई, जो एक सप्ताह में पूरी हो गई। इससे 3 डी एक्टो रेक्टिफाईंग इमेजरी मिलेगी।

नगर पालिक निगम क्षेत्र का वैकल्पिक सैन्य दल…

क्षेत्र के 40 वार्डों में कुल 12 टुकड़ों में विभाजित कर पार्टियाँ, निगम, मुख्य पात्र, इंजीनियरों की देखरेख में फील्ड सर्वेक्षण और अभिलेख निर्माण के लिए राजस्व विभाग और निगम के कर्मचारियों की 48 टीमें बनाई गईं।

जिले में पहली बार रोवर, कंट्रोलर के माध्यम से डेटा संग्रह की जानकारी सर्वेक्षण ऑफ इंडिया की टीम द्वारा दी गई

यह मशीन एक समय में 4 से अधिक देश-विदेशों के सैटेलाइट जैसे अमेरिका के डेवलपर्स, रूस के वनाश, चीन के बी दाऊ, यूरोप के गैलिलियो और हमारे भारत देश के ऐ आर एन एस और गगन सैटेलाइट से जुड़कर कोर्स स्टेशन के मीडिया सर्वे से साइट का 3 कोर्डिनेट मार्ट, देशांश, एल्टिट्यूड का डेटा संकलित हो जाएगा। यह तकनीक इतनी उन्नत है कि भूमि की झपकी में 1-3 वर्ष का ही समय आएगा। परीक्षण की गणना कम समय में बिल्कुल सही प्राप्त होगी।

आने वाले समय में एक नजर

लैंड के प्राइमैप, भू अर्जन के लिए लैंड के वैलिडिटी उपकरण जरीब गुनिया, टेप से न की लेवलर रोवर और इलेक्ट्रॉनिक टोटल मशीन के माध्यम से इससे कम समय में बेहतर और शुद्ध अभिलेखों का निर्माण होगा। इससे संबंधित में वृद्धि होगी और भूमि संबंधी एसोसिएट्स, अतिक्रमण, व्यवस्थापन का तत्काल प्रभाव होगा।