सुपर फुड मुंगा से कोकड़ी की महिलाओं की कमाई।

राजधानी रायपुर में हो रही डेमोक्रेट,अन्य लोगों को अपने नवप्रवर्तन प्रयोग का प्रशिक्षण देना।

धमतरी – औषधीय गुणों से भरपूर सुपर फुड मुनगा की फसल लेकर कोकड़ी की महिलाएं डुगुना आय रेचक कर रही हैं। मुनगा को सब्जी के तौर पर तो इस्तेमाल किया ही जाता है। इसके साथ ही ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल और बीपी को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। यही वजह है कि महिलाएं मूंगा की बिक्री ना सिर्फ आसपास के घरों में कर रही हैं, बल्कि राजधानी रायपुर में भी अपने स्टोर कर चुकी हैं। इससे उन्हें दुगुनी दुकान मिल रही है।धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड स्थित पंचायत कोकड़ी की जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ग्राम जमींदारी साहूकारियां बताती हैं कि उनके समूह में 12 सदस्य हैं, जो मिल-जुलकर मुंगे की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव के खाली पड़े लगभग साढ़े तीन सौ वर्ष से अधिक की भाठा जमीन पर मिश्रित खेती करने के लिए उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार महाविद्यालय योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 11 लाख 44 हजार हजार रूपये की आय प्राप्त हुई। इसके बाद महिलाओं ने इस भाठा जमीन पर सालों तक मेहनत की और उनके द्वारा अपनाए गए उपचार लहलहाने लगे। इन प्रमाणित में मुंगा के अलावा करौंदा, सुविधा और प्रयोगशाला के उपाय शामिल हैं। मूंग के पौधे में फल जल्दी लगने लगे और साल में दो फल मिलने लगे। इससे महिलाओं को दुगुनी आय मिल रही है। साहूमी बताती हैं कि उनके इस अभिनव प्रयोग को देखने के लिए जिले के अन्य गांव के लोग भी आते हैं और उनके प्रशिक्षण को भी लेकर जाते हैं।आजकल खेती के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और आधुनिक तरीकों से भी लोग खेती कर रहे हैं। धान, गेहूं, दलहन-तिलहन के अलावा अब लोग फिल्म की फसल लेने में आगे आ रहे हैं और रिकवरी भी कमा रहे हैं। मुनगा का पौधा किसी भी जमीन पर आसानी से जगने और कम पानी में भी जल्द ही फल लगने वाला पौधा है। इसमें प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी, सी और ए की मात्रा प्रचुर होती है। मूंगा के जड़, चावल, फूल, पत्ते और फल सभी औषधीय गुणों की प्रचुरता होती है। यह सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी सीधा संबंध है।