जन्मांध चंद्रभान और पावं से विकलांग भीषम ने मिलकर बनाया पड़वानी गायन ग्रुप ।

दिव्यांग भीषम कुमार और चंद्रभान भीख मांग कर जीवन यापन करने को मजबूर।

नगरी /राजशेखर नायर – दिव्यांग लोगों के लिए भीख मांगना एक मजबूरी है वह अपने जीवन के निर्वाह के लिए भीख मांगने को मजबूर है सरकार और समाज को इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने की जरूरत है. नगरी विकासखंड के ग्राम उमरगांव निवासी जन्मांध 42 वर्षीय, चंद्रभान कुलदीप, पिता जगदेव राम और एक पैर से विकलांग 40 वर्षीय,भीषम गंधर्व और उनके मित्र ओगू निषाद और लुमेश सेन ने मिलकर अंधा-लंगड़ा पंडवानी गायन ग्रुप बनाया है और अपनी शारीरिक विकलांगता को समाज के सम्मुख अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्हें प्रोत्साहित करनी समाज सेवी सन्नी छाजेड़, सत्यम भट्ट, अनिल वाधवानी, पूनम प्रजापति, कमलेश कश्यप, खेमराज साहू, राजशेखर नायर तबला वाद्य यंत्र उपहार में दिया.

जन्मांध चंद्रभान कुलदीप और दिव्यांग भीषम गंधर्व ने अपनी कला से न केवल अपने जीवन में सफलता की ओर बढ़ रहे है, बल्कि उन्होंने दूसरों को भी प्रेरित किया है। उन्होंने अपने प्रयासों से समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

Photo 26 डी एच ए – चंद्रभान कुलदीप- मुझे जन्म से ही दिखाई नहीं देता है, मेरे चार बच्चे हैं उनमें से बड़ी पुत्री कुमारी लक्ष्मी भी जन्मांध है, वह विकलांग स्कूल रुद्री में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही है और मेरी पत्नी मान बाई खेतों में मजदूरी कर पूरे परिवार का जीवन यापन करती है, शासन से किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है, कई बार आवेदन देने के बाद भी अब तक आवास नहीं बन पाया. पंचायत में कई बार आवेदन देने के बाद भी विकलांग पेंशन जैसी सहायता भी नहीं मिल रही है.

फोटो 26 डी एच ए – भीष्म कुमार गंधर्व- चार बच्चों के पिता भीषम ने बताया की 2022 में बाइक से फरसगांव जा रहा था, अचानक केशकाल मार्ग में सामने से तेज गति से आ रही कार ने टक्कर मारी, दुर्घटना में एक पावं गवाना पड़ा. राशन के अलावा शासन से किसी तरह की कोई सहायता नहीं मिल रही है. भीख मांग कर जीवन यापन करना पड़ रहा था.

भीख मांगने के दौरान गांव के चंद्रभान कुलदीप से मुलाकात हुई वे गा कर घर-घर भीख मांगते थे. हम ने  मिलकर अंधा लंगड़ा पंडवानी गायन ग्रुप पबनाया. वाद्य यंत्र नहीं था, तो हमने नगरी के समाजसेवीयों से सहायता मांगी, उन्होंने आवेदन बनाकर समाज कल्याण विभाग को दिया समाज कल्याण विभाग द्वारा हाल ही में वाद्य यंत्र हारमोनियम मिला, अब समाज सेवियों से तबला भी उपहार में प्राप्त हुआ है, हमारा ग्रुप रोज शाम को पंडवानी गायन का अभ्यास करता है, गायन के माध्यम से अब जीवन यापन करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि भीख मांगना ना पड़े.

फोटो 26 DHA 3817 कैप्शन- समाजसेवियों द्वारा तबला उपहार देते हुए