दंतेवाड़ा – जिला कलेक्टर दंतेवाड़ा श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विगत दिवस 40 युवोदय वॉलिंटियर्स ने आईआईटी भिलाई में आयोजित दो दिवसीय युवा नेतृत्व कार्यशाला में भाग लिया। जिसके पश्चात उन्हें रायपुर शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। यह कार्यशाला आईआईटी भिलाई के कैंपस में दिनांक 03 मार्च 2025 से 04 मार्च 2025 तक आयोजित की गई थी। जिसके पश्चात दिनांक 05 व 06 मार्च को स्वयंसेवकों को शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। इस दौरान आईआईटी भिलाई कैंपस में हुई कार्यशाला में यूनिसेफ राज्य सलाहकार सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम श्री अभिषेक त्रिपाठी आईबीआईटीएफ के सी.ई.ओ श्री प्रशांत माथुर, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर श्री संतोष बिस्वास, सी.टी.ओ श्री विष्णु वैष्णव द्विवेदी एवं प्रशिक्षण के तौर पर डॉक्टर ओमेश खुराना उपस्थित थे। सत्र को संबोधित करते हुए श्री त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को बताया कि सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाने से सकारात्मकता कई गुना बढ़ जाती है। वहीं सी.ई.ओ माथुर ने युवाओं को संस्कृति और प्रौद्योगिकी को साथ-साथ लेकर विकास करने के बारे में जानकारी दी और बताया कि युवोदय व आईआईटी दोनों अपने-अपने क्षेत्र में नवाचार कर रहे हैं। और युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उचित उपयोग कर शाश्वत विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं। इसके अलावा प्रोफेसर श्री बिस्वास ने दंतेवाड़ा में चल रहे विकास कार्यों को युवाओं से जोड़ते हुए उन्हें बेहतर करने हेतु प्रोत्साहित किया। तथा निहित संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीण समुदायों के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इस कार्यशाला में स्वयंसेवकों को यूनिसेफ और आईआईटी भिलाई के प्रशिक्षकों द्वारा स्वयंसेवा, व्यवहार परिवर्तन, मातृत्व स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता,मानसिक स्वास्थ्य और वित्तीय प्रौद्योगिकी से संबंधित विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला के अनुभवों पर विचार साझा करते हुए युवोदय स्वयंसेवक संजना ठाकुर ने बताया कि इस कार्यशाला से नेतृत्व के नए आयाम सिखने को मिले और समाज सेवा के प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली। एक अन्य युवोदय स्वयंसेवक, विजय कुमार नाग ने कहा, आईआईटी भिलाई में प्रशिक्षण प्राप्त करना सभी के लिए गर्व की बात रही। यहां सभी ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी गहन समझ विकसित की। कार्यशाला में प्रशिक्षक के तौर पर यूनिसेफ के सामाजिक व्यवहार परिवर्तन सलाहकार श्री अभिषेक त्रिपाठी, ने स्तनपान एवं मातृत्व स्वास्थ्य पर डॉ. ओमेश खुराना, ने डिजिटल लिटरेसी श्री भोलानाथ सेठ , मेंटल वेलनेस श्रीमती अपर्णा माथुर, ने सेफ इंटरनेट प्रैक्टिसेस जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया साथ ही कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान, स्वयंसेवकों ने धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध का दौरा किया, जहां उन्होंने जल संसाधन प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा, रायपुर के जंगल सफारी का भी अवलोकन किया, जहां उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा।
