ज्ञान गंगा में डुबकी लगाकर उससे अमृत प्राप्त करना ही कुंभ है – भिक्षु भंते बुद्धघोष बौध्दि।
राजिम – राजिम कुंभ कल्प में पहली बार आये बौद्ध पंथ के भिक्षु भंते बुद्धघोष बौध्दि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संतो का समागम ही असली कुंभ हैं, जहां पर संत चर्चा के दौरान अपने ज्ञान का आदान-प्रदान करते है। बौद्ध दर्शन के अनुसार व्यक्ति के कल्याण के लिए ऐसे कार्य करने…
