वनमाली सृजन केंद्र मनेंद्रगढ़ द्वारा संगोष्ठी का आयोजन। (छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद को जन्मदिन पर किया याद )।
मनेंद्रगढ़। हिंदी साहित्य में छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कामायनी, आसूं, लहर, झरना जैसे काव्य संग्रह दिए हैं। वहीं उनकी कलम कहानी, नाटक, उपन्यास एवं निबंधों में भी चलती रही है।प्रकृति को चेतना मानते हुए सजीव मानवीय चित्र की कल्पना और व्यक्तिवाद की प्रधानता लिए श्रृंगार की भावना…
