सूखने लगा गांधी सागर तालाब का कंठ- बरसों से सौंदरीकरण की राह तक रहा गांधी सागर।

नगरी / राजशेखर नायर – गांधी सागर का अमृत जल 8 वार्ड के निवासी मृत्यु से लेकर जन्म संस्कार और निस्तारी के लिए प्रयोग करते है लगभग सुख चूका है. गाँधी सागर में गर्मियों में पानी भरने कई बार बोर किये गए पर सभी बोर चालू किये जाने के कुछ समय बाद बंद बताये गए, तालाब किनारे एक निजी बोर से पानी उधार लेकर गाँधी सागर की प्यास बुझाने का प्रयास किया जा रहा है.नगरपंचायत नगरी के महात्मा गाँधी, वार्ड क्रमांक 4 में स्थित गाँधी सागर तालाब वार्ड 2,3,4,5,6,7,8 वसीयों केलिए विशेष महत्व रखता है, मृत्यु से लेकर जन्म संस्कार पूर्ण करने यहां का जल प्रयोग किया जाता है. पर अब तालाब का पानी लगभग सूख चुका है. तालाब के सौंदर्यकरण एवं संरक्षण के लिए अमृत मिशन के तहत नगर पंचायत द्वारा 47 लाख का एस्टीमेट बनाकरकेंद्र सरकार को भेजा जा चुका है. सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद सौंदर्यकरण कार्य प्रारंभ किया जाएगा.

फोटो-पार्षद-नरेश पटेल- गांधी सागर तालाब वार्ड वासियों के लिए धार्मिक और पारंपरिक कई संस्कार पूर्ण करने का माध्यम है. मृत्यु संस्कार, धार्मिक अनुष्ठान और निस्तारी के लिए तालाब के जल का प्रयोग किया जाता है.

तालाब के सौंदर्य करण के लिए शासन से 47 लाख की राशि का एस्टीमेट शासन शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है.मैं चुनाव के समय वार्ड वर्षों से गांधी सागर तालाब सौंदरीकरण का वादा किया है जिसे पूर्ण करने का प्रयास कर रहा हूं.

विकास बोहरा – उपाध्यक्ष नगर पंचायत नगरी- तालाब में पानी भरने के लिए पूर्व में किए गए सभी बोर काम नहीं कर रहे हैं, निजी बोर से पानी भरा जा रहा है ताकि आवश्यक उपयोग के लिए वार्डवासियों और आसुविधा न हो. तालाब का संरक्षण और सौंदर्यकरण भी किया जाएगा.

पूर्व पार्षद- जितेंद्र ध्रुव- पूर्व पार्षद वार्ड नंबर 4 जितेंद्र ने बताया की तालाब के सौंदर्य करण हेतु अमृत मिशन योजना अंतर्गत एस्टीमेट शासन को भेजा गया था जिसकी अब तक स्वीकृत नहीं मिली है।