प्रमोद दुबे
महासमुंद – अगहन शुक्ल एकादशी को गायत्री मंदिर बेमचा में गीता जयंती मनाई गई। प्रारंभ दीप प्रज्वलन, गायत्री पूजन, श्री कृष्ण भगवत, श्री कृष्ण सखा एवं गीता जी के पूजन से हुआ। गीत संगीत के साथ भगत गुरुजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युद्ध के मैदान में श्री कृष्ण ने मोह ग्रस्तता दूर करने के लिए पावन गीता जी का संदेश दिया। हम सबको हर स्थिति परिस्थिति में अपने अपने कर्तव्यों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। कभी भी भूलकर अपने अन्य भाइयों का हक नहीं छीनना चाहिए। स्वयं कष्ट उठाकर भी पांडवों ने धर्म एवं सत्य का मार्ग ग्रहण किया, इसीलिए श्री कृष्ण भगवान सत्य मार्ग का अनुसरण करने वालो का साथ दिया। अंत में दीप यज्ञ एवं आरती हुई । कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक दुबे, भारत निषाद, शोभा निषाद, सुकालू निषाद, रविकांत चंद्राकर, चेतन चंद्राकर, भोला निषाद, देवचरण चंद्राकर, मनोज कहार, खेलन चंद्राकर, पूजा, गीतांजलि, राधा, नैना सावित्री आदि का योगदान रहा।
