स्मार्ट मीटर लगने के बाद दोगुने-तिगुने आ रही बिजली बिलः निखिलकांत।

जनता को लूटने स्मार्ट मीटर लगा रही सरकार, सुरक्षा निधि के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व नगर पालिका सभापति नखिलकांत साहू ने कहा कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। वहां उपभोक्ताओं को अनाप शनाप बिलिंग की शिकायतें मिल रही हैं। हालाकि अभी स्मार्ट मीटर से रिचार्ज सिस्टम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जब से नया मीटर लगाए गए हैं, बिजली बिल की राशि दोगुने से तीगुना आ रही है। आम जनता त्राहिमाम कर रही है, लेकिन भाजपा सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस कार्यकाल में आम जनता को बिजली बिल हाफ योजना के तहत छूट प्रदान किया जा रहा था। जिससे जनता को राहत मिल रही थी।
श्री साहू ने कहा कि गरीब जनता पर स्मार्ट मीटर योजना थोपकर राज्य सरकार अदानी को फायदा पहुंचाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। जनता को परेशान करने के लिए जबरन इसे उनके घरों में लगाया जा रहा है। राज्य सरकार ने अदानी एनर्जी के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के 60 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का करार किया है। अब तक लगभग 50 फीसदी घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकार के इशारे पर बिजली कंपनी स्मार्ट या प्रीपेड मीटर के माध्यम से आम लोगों का आर्थिक दोहन कर रही है। जनता के खून पसीने की कमाई की लूट के लिए घरों में जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। जनता द्वारा विरोध करने पर बिजली कनेक्शन ही काटने तथा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। तथा जबरदस्ती सहमति पत्र भराया जा रहा है। जबकि, माननीय उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि उपभोक्ता की इच्छा पर ही स्मार्ट मीटर लगाया जायेगा। बिजली विभाग कोई जोर जबरदस्ती नहीं करेगा। जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाना न्यायालय की अवमानना है। भाजपा ने सरकार बनने से पूर्व 400 यूनिट तक खपत पर आधी बिजली बिल माफ करने की बात कही थी। लेकिन डबल इंजन की सरकार छग की जनता का जेब काट कर अपने मित्रों अडानी और अंबानी का झोला भर रही है। श्री साहू ने सुरक्षा निधि के नाम पर बिजली विभाग द्वारा ली जा रही अतिरिक्त राशि को भी जनता के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल प्रतिवर्ष आम जनता के जेब में कैंची मारने का काम सुरक्षा निधि के नाम पर किया जा रहा है। पूर्व में जमा सुरक्षा निधि और उस पर मिलने वाला ब्याज को घोटाले के रूप में डकार दिया जा रहा है। प्रतिवर्ष सुरक्षा निधि के नाम पर जनता से करोड़ों रुपया वसूली की जा रही है। एक तरफ महतारी वंदन के नाम पर आधे अधूरे 1000 रु का भुगतान कर रही है। तो दूसरी ओर विद्युत मंडल सुरक्षा निधि के नाम पर उस राशि को वसूल कर रहा है। हर वर्ष नवंबर के बिल में ही जोड़कर विभाग द्वारा सुरक्षा निधि के रूप में अवैध वसूली की जा रही है। इस बार विगत नवंबर माह के बिल में गरीब उपभोक्ताओं से 500 से 1500 रु तक सुरक्षा निधि ली गई है। सुरक्षा निधि के रूप में की जा रही इस अवैध वसूली से शहर के नागरिकों में आक्रोश है।