सपनों की कोई सीमा नहीं होती… बस गियर बदलो और आगे बढ़ते चलो -अमित
बसना – सपनों की कोई सीमा नहीं होती है बस बाइक का गियर बदलो और आगे बढ़ते चलो । सन्नाटे की घुमावदार वादियाँ, ठंडी हवाओं के बीच बाइक के इंजन की आवाज़ और दिलों में बस एक ही धुन,मंज़िल चाहे जितनी दूर हो, रुके बिनाचलना है। यह कोई फिल्म का सीन नहीं, बल्कि रोमांच, जुनून…
